
ऋषिकेश। जिला विधिक प्राधिकरण की ओर से आयोजित लोक अदालत में दो पीठ बनाई गईं। इसमें 98 वाद निस्तारित किये गये। ज्यादातर मामले बैंक और वाहन चालान से संबंधित रहे। लोक अदालत में करीब 124 वाद आये, लेकिन पक्षकार न आने से कुछ मामले लंबित रह गये। वादों में करीब 86 लाख, 28 हजार 750 रुपये की धनराशि सुलह-समझौते के तहत वसूली गई।
बार एसोसिएशन ऋषिकेश की वरिष्ठ अधिवक्ता ऋतु भट्ट ने बताया कि शनिवार को आयोजित की गई राष्ट्रीय लोक अदालत में फौजदारी के शमनीय वाद, धारा 138 एनआई ऐक्ट, मोटर वाहन प्रतिकर संबंधी, वैवाहिक एवं कुटुंब न्यायालयों के वाद समेत ऐसे मामले जो सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित हो सकें विभिन्न कोर्ट में लगाए गये थे। अधिवक्ता ने बताया कि पहली पीठ में सात मामले फौजदारी, एक मामला 138 एनआई ऐक्ट, तीन मामले मोटरवाहन एक्ट, 22 मामले परिवारवाद और नौ मामले जमीन संबंधी आये। जबकि, दूसरी पीठ में 14 मामले फौजदारी, एक मामला जमीन संबंधी, एक घरेलू हिंसा, आठ पुलिस चालान और 57 मामले चेक संबंधी आए। दूसरी पीठ के सभी मामलों का निस्तारण कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पहली पीठ में अपर जिला जज नसीम अहमद एवं दूसरी पीठ में न्यायिक मजिस्ट्रेट उर्वशी रावत ने मामले निपटाये। बताया कि अदालत में बैंक, वाहन चालान से संबंधित मामले अधिक रहे।