देहरादून। मंत्री ने पूर्व में आयोजित बैठक में दिये गये निर्देशों के क्रम में विभाग द्वारा किये गये कार्य प्रगति की जानकारी ली। मंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग के तहत संचालित महात्मा गॉधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना आदि अन्य योजनाएं), राज्य पोषित योजनाओं ( प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मेरा गांव मेरी सड़क, मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास योजना, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, ग्रामीण व्यवसाय इन्क्यूवेटर व अन्य योजनाएं) तथा वाह्य सहायतित योजना (एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना) के बारे में अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत आने वाली सड़कों तथा ब्रिजों का निर्माण कार्य सितंबर 2022 तक पूर्ण कर लिए जाये। मंत्री ने कहा कि जिन किसानों के खेत सड़क बनाने में उपयोग हुए हैं उन भूस्वामियों को दी जाने वाले मुआवजे की राशि शीघ्र आवंटित करें। उन्होने आवंटित/शेष मुआवजे की स्पष्ट जानकारी एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मा॰ मंत्री ने सीमान्त क्षेत्रों में पलायन रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये ताकि पलायन को रोका जाय।
उन्होने कहा कि योजना के अंतर्गत जिन ट्रेडस में रोजगार की सम्भावना अधिक हैं उन ट्रेडस में विशेष ध्यान दिया जाय ताकि अधिक से अधिक युवाओं को योजना का लाभ मिल सके। उन्होने स्वयं सहायता समूहों को और अधिक मजबूत करने हेतु योजना बनाये जाने, फेज -2 का कार्य सितम्बर 2022 तक पूर्ण करने, पुलों का निर्माण ससमय कराने के निर्देश दिये। इस अवसर पर बैठक में अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव, ग्राम्य विकास विभाग सचिन कुर्वे, अपर सचिव/आयुक्त ग्राम्य विकास आनन्द स्वरूप, अपर सचिव उदयराज सिंह तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।