मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सेना में सेवा देने के बाद अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार जल्द नियमावली बनाएगी। राज्य सरकार पुलिस, आपदा प्रबंधन, चारधाम प्रबंधन समेत उन सभी सरकारी विभागों में अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां के लिए वे उपयोगी होंगे। सरकार के स्तर पर जल्द प्रक्रिया शुरू की जाएगी।मुख्यमंत्री विधानसभा स्थित प्रकाश पंत सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने यह तय किया है कि अग्निपथ योजना के तहत मां भारती की सेवा के उपरांत अग्निवीरों को राज्य की कई सेवाओं में सरकार प्राथमिकता देगी। इस योजना के तहत 17 वर्ष से 21 वर्ष के युवाओं को सेना में भर्ती किया जाएगा और इसकी शुरुआत आगामी 90 दिनों में हो जाएगी।
इससे न केवल देश के युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा बल्कि हमारी सेनाएं भी और अधिक युवा व सशक्त होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक सैनिक पुत्र होने के नाते स्वंय भी अपने को गौरवान्वित महससू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, की पहचान वीर भूमि के रूप में भी है। उन्होंने अग्निपथ योजना के लिए प्रदेश की सवा करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले 18 माह में दस लाख नौकरियां देने के निर्णय ने युवाओं के सपनों को उड़ान देने का कार्य किया है। इस महाअभियान की शुरुआत ’अग्निपथ’ योजना को प्रारंभ की गई है।
अग्निपथ योजना राज्य के लिए लाभकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में भर्ती होने का सपना देखने वाले उत्तराखंड के युवाओं के लिए तो अग्निपथ योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होने वाली है। इस योजना के ऐलान के बाद मुझे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से युवाओं के संदेश मिल रहे हैं जिनमें उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। इस योजना को लेकर देश का युवा अत्यंत उत्साहित है।
युवा ने सीएम को भेजी कविता
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से उत्साहित एक युवा ने उन्हें कविता भेजी।
उन्होंने लिखा कि‘‘अग्निमय हूं, अग्निरूप मैं अग्नि से आकंठ हूं। हां मैं अग्निवीर हूं…