विपक्षी लगातार आरोप लगाता रहा है कि बदले की भावना से केंद्र जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ को लेकर भी कांग्रेस ने व्यापक प्रदर्शन किया और केंद्र पर आरोप लगाए। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए पीएमएलए के तहत गिरफ्तारी, संपत्ति जब्त करने का अधिकार बरकरार रखा है। अब केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ हो गया है कि किसी भी मामले में जांच होने से केंद्र का कोई लेनादेना नहीं है।
रिजिजू ने आगे कहा, एजेंसियां जब किसी भ्रष्ट के खिलाफ कार्रवाई करती हैं तो इससे सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को बल मिलता है। उन्होंने कहा, किसी भी जांच एजेंसी की कार्रवाई कानून और जानकारी पर ही आधारित होती है। कोई भी केस निर्धारित करने में सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में पीएमएलए के खिलाफ कार्ति चिदंबरम ने याचिका दी थी। कई नेता ईडी के शिकंजे में फंसे हैं। इनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, पी चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति चिदंबरम, शिवसेना नेता संजय राउत, फारूक अब्दुल्ला, ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी, पार्थ चटर्जी, दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन का नाम शामिल है।
बता दें कि आज ईडी ने सोनिया गांधी को तीसरे दिन पूछताछ के लिए बुलाया था। इससे पहले इसी मामले में राहुल गांधी से भी पूछताछ हो चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध किया। राहुल गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में भी लिया गया। दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मिनिस्टर पार्थ चटर्जी पर ईडी की कार्रवाई के बाद ममता बनर्जी ने भी आरोप लगाया है कि केंद्र एजेंसियों का इस्तेमाल करके टीएमसी को तोड़ने की कोशिश कर रहा है।