विजिलेंस टीम ने शुरू की जांच, पूर्व और प्रभारी कुलसचिव में कार पर विवाद

विजिलेंस ने आयुर्वेद विवि में 2017 से अब तक हुई वित्तीय सहित तमाम अनियमितताएं की जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को विजिलेंट की एक टीम जांच के लिए विवि पहुंची। जिससे वहां हड़कंप मच गया। विजिलेंस टीम ने वहां करीब तीन घंटे तक दस्तावेज खंगाले और कुछ अधिकारी कर्मचारियों से पूछताछ भी की। इसके बाद टीम कई दस्तावेज साथ लेकर आयी। वहीं शनिवार को भी टीम यहां पहुंच सकती है।

विवि टीम दोपहर बाद विवि में पहुंची। पहले तो किसी को इसकी जानकारी नहीं लगी। लेकिन जब टीम विवि के प्रशासनिक भवन में आयी तो वहां हड़कंप मच गया। हर कोई टीम को लेकर चर्चा में लग गया। इसके बाद टीम ने वहां कई कार्यालयों में कई तरह के दस्तावेज खंगाले। फिर टीम कुलसचिव के कार्यालय में गई। वहां टीम ने उनसे कई तरह की जानकारियां लीं और दस्तावेज मांगे। एसएसपी विजिलेंस धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि विवि में वित्तीय अनियमितताएं, भर्ती,खरीद फरोख्त सहित छह अलग अलग बिंदुओं पर जांच की जा रही है। टीम वहां गई थी और मामलों से जुड़े कुछ दस्तावेज लिए गए। इसके अलावा कुछ दस्तावेज विवि को उपलब्ध कराने को कहा है। कुछ लोगों से अभी पूछताछ की जा रही है।

कुलपति छुट्टी पर थे तो टीम मेरे कक्ष में ही थी। जो भी दस्तावेज उन्होनें मांगे वे दे दिए गए हैं। विवि में सब कुछ पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होता है। टीम ने आगे भी जो कागजात मांगे हैं, उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

डा. राजेश अदाना, कुलसचिव

पूर्व कुलसचिव-प्रभारी कुलसचिव में कार पर विवाद

देहरादून।

आयुर्वेद विवि का विवादों से नाता नहीं टूट रहा है। अब पूर्व कुलसचिव और आयुष सचिव कार्यालय में संबद्ध डा. मंत्युंजय मिश्रा और प्रभारी कुलसचिव डा. राजेश अदाना में विवि की एक गाड़ी को लेकर विवाद सामने आया है। डा. मंत्युंजय मिश्रा ने सचिव को एक चिट्ठी लिखकर बताया है कि उनके ड्राइवर सुमन नेगी को डा. राजेश अदाना ने धमकाया और वाहन चोरी की एफआईआर कराने एवं अन्य मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। मकान मालिक को भी फंसाने की धमकी दी गई है। उन्होंने बताया कि उन्हें कुलसचिव के पद पर बहाली के दौरान दिसंबर 2021 में वाहन के साथ चालक की ड्यूटी लगाई थी। विवि में प्रशासनिक गतिरोध के चलते उन्हें जनवरी 2022 में संबद्ध किया गया। उन्होंने उनका वेतन आहरित न किए जाने को लेकर भी आरोप लगाए हैं। उधर, प्रभारी कुलसचिव डा. राजेश अदाना का कहना है कि विवि का वाहन है, शासन द्वारा डा. मिश्रा को वाहन आवंटित करने का पत्र शासन से नहीं मिला। वाहन छह माह पूर्व चालक चुनाव में लेकर गया था, लेकिन लेकर वापस नहीं आया। वह धर्मपुर चौक के पास उन्हें मिला तो उसे वाहन समेत रिपोर्ट करने के लिए कहा गया। विवि के कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वाहन न लाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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