हरिद्वार गंगनहर में सिल्ट की मात्रा दोपहर दो बजे के करीब बढ़ने के कारण ऊपरी खंड गंगनहर को उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने बंद कर दिया। दोपहर दो बजे गंगनहर में सिल्ट की मात्रा 8120 पीपीएम दर्ज की गई। नहर में सिल्ट की मात्रा बढ़ने के बाद अधिकारियों ने सिल्ट की मात्रा कम होने तक गंगनहर को बंद किया है।
शाम छह बजे भी गंगनहर में सिल्ट की मात्रा 9570 पीपीएम दर्ज की गई। गंगनहर में लगातार बढ़ रही सिल्ट की मात्रा के कारण गंगनहर मंगलवार को सुबह खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। गंगनहर बंद होने के कारण पौराणिक हरकी पैड़ी पर जल की मात्रा नहीं के बराबर हो गई। इस कारण हरकी पैड़ी पहुंचे श्रद्धालुओं को मायूसी हाथ लगी।
सोमवार को हरिद्वार हरकी पैड़ी सहित गंगा घाटों पर पर्याप्त मात्रा में जल नहीं मिलने से अधिकतर श्रद्धालु मायूस रहे। हरकी पैड़ी पर जल की मात्रा इतनी कम हो गई कि श्रद्धालुओं गंगा में डुबकी लगाने से भी वंचित रहे। सिल्ट की मात्रा गंगा में कम होने पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग धीरे-धीरे गंगा में जल छोड़ेगा।
गंगनहर में प्रति घंटा सिल्ट की मात्रा में इजाफा हो रहा है। सिल्ट की गणना पीपीएम में नापी जाती है। जब सिल्ट की मात्रा कम होकर सात हजार पीपीएम तक पहुंचती है, तब गंगा को दोबारा शुरू किया जाता है। सिल्ट की मात्रा कम होने पर गंगा में जल छोड़ा जाएगा। सुबह के समय तक सिल्ट की मात्रा कम होने की उम्मीद है।