📰 न्यूज़ (Seva Bharat Times):
देहरादून। देहरादून जनपद में पेंशन योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी पेंशन लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

(फोटो: जिलाधिकारी सविन बंसल)
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने स्पष्ट किया है कि जनपद में सभी पेंशन प्राप्तकर्ताओं का समयबद्ध सत्यापन कर अपात्र और मृत लाभार्थियों को सूची से हटाया जाएगा।

(फोटो: मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह)
इस अभियान के तहत वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना पेंशन और 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों की पेंशन योजनाओं के सभी लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे।
सत्यापन प्रक्रिया की जवाबदेही तय करते हुए शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी (SDM) और ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी (BDO) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके अधीन पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी इस कार्य को पूरा करेंगे।
सत्यापन के दौरान यदि कोई पेंशनर मृत पाया जाता है तो उसकी मृत्यु तिथि दर्ज की जाएगी, वहीं अपात्र पाए जाने पर कारण स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया जाएगा। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्यापन रिपोर्ट 15 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से संबंधित विभाग को सौंपें।
आंकड़ों के अनुसार, जनपद में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के 76,128, दिव्यांग पेंशन के 11,596, बाल दिव्यांग पेंशन के 1,121 और किसान पेंशन के 672 लाभार्थी शामिल हैं। वहीं महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत विधवा पेंशन के 32,011 और परित्यक्ता पेंशन के 8,140 लाभार्थी पंजीकृत हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। इस पहल से जहां अपात्र लाभार्थियों को सूची से बाहर किया जाएगा, वहीं पात्र पेंशनरों को समय पर पेंशन का लाभ सुनिश्चित हो सकेगा। 📢