उत्तराखंड: विपक्ष ने बजट को दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी और मंहगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला बताया

उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने उत्तराखण्ड सरकार के वित्त मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए प्रस्तुत बजट को दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी तथा मंहगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला चुनावी बजट बजट बताया है।

धामी सरकार द्वारा राज्य विधानसभा में पेश किये गये बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि वित्तमंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने सदन में जो बजट प्रस्तुत किया है वह दिशाहीन, प्रतिगामी, मंहगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला तथा राज्य की आर्थिक वृद्धि पर चोट पहुंचाने वाला है।

राज्य के वित्त मंत्री द्वारा बजट में विकसित उत्तराखण्ड का सब्जबाग दिखाते हुए योजनाओं का नाम बदल कर नई बोतल में पुरानी शराब वाला फार्मूला अपनाया है। उन्होंने कहा कि राज्य की धामी सरकार द्वारा प्रस्तुत किये गये बजट में नया कुछ भी नहीं है।

इस बजट में महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, नये रोजगार व पलायन रोकने के कोई प्रावधान नहीं किये गये हैं। बार-बार किसानों की आय दोगुनी करने का ढोल पीटने वाली भाजपा सरकार ने किसानों के लिए बजट में कुछ भी नई घोषणा नहीं की गई है।

करन माहरा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024 के लिए सभी क्षेत्रों में निराशाजनक बजट प्रस्तुत किया गया है। बजट में ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों तथा बेरोजगारों व महिलाओं के सिरका बोझ कम करने के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। प्रत्येक वर्ष की भांति बजट का आकार तो बढ़ाया गया है परन्तु आय के नये श्रोत नहीं बताये गये हैं।

बजट में ऐसे विभाग जो गांव, गरीब, दलित व कमजोर तबके को लाभ पहुंचाने वाले हैं उनके बजट जैसे कृषि विभाग, समाज कल्याण विभाग, एस.सी.पी., एस.टी.पी., स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी तथा पंचायतों के बजट में आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए आंकड़ों की जादूगरी के सिवा कुछ नहीं किया गया है।

पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया, बजट में पर्यटन, महिला सुरक्षा, बेरोजगार नौजवानों के भविष्य की घोर उपेक्षा की गई है। विगत वर्ष की भांति इस बजट में भी गरीब छात्र-छात्राओं के लिए कोरी घोषणाएं की गई है।

विगत वर्ष के बजट की भांति इस वर्ष भी क्लस्टरवार  उत्कृष्ट विद्यालय खोलने की बजट में बात की गई है परन्तु बजट ऊंट के मुंह में जीरा के समान रखा गया है, एक ओर जहां पूर्व में खोले गये अटल आदर्श विद्यालयों की स्थिति दयनीय बनी हुई है, वहीं पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में विद्यार्थी विहीन विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए बजट में कुछ नहीं किया गया है ?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा ने कहा कि चिकित्सालयों में क्लस्टर एप्रोच तथा विशेषज्ञ चिकित्सा उपचार की बात कही गई है जबकि सर्व विदित है कि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से रूग्ण हो चुकी है तथा लोग मंहगे निजी चिकित्सालयों में इलाज को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा की मूलभूत सुविधाओं के लिए पिछले बजट में 10 करोड़ के बजट की घोषणा की गई थी परन्तु इस बजट में मात्र 50 लाख का प्रावधान किया गया है जबकि राज्य में चारधाम यात्रा एवं पर्यटन राज्य की आय के मुख्य स्रोत हैं परन्तु बजट में इसके लिए नामात्र की घोषणा की गई है।

करन माहरा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के बजट में स्वयं के संसाधनों से 20891 करोड़ की प्राप्ति दर्शाई गई है जो कि पिछले राजस्व के मुकाबले 3853 करोड़ रूपये कम है। राज्य सरकार के बजट में केन्द्र सरकार के बजट की झूठी घोषणाओं का ढिंढोरा पीटा गया है। बजट घाटे की पूर्ति के लिए आय का कोई स्रोत नहीं सुझाया गया है। कुल मिलाकर राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में झूठी घोषणाएं तथा कर्ज लेकर घी पीने की कहावत चरितार्थ की गई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गैरसैंण उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन की भावना है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण की अवधारणा को साकार रूप देने एवं जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैण में विधानसभा भवन का निर्माण करवाते हुए माह नवम्बर, 2015 में गैरसैण में विधानसभा सत्र आहुत किया गया इसी के साथ राज्य विधानसभा में वर्ष 2017 का बजट सत्र गैरसैंण में आहुत करने का संकल्प पारित किया गया था परन्तु वर्तमान भाजपा सरकार ने अपने बजट में गैरसैण राजधानी में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए बजट का प्रावधान करना तो दूर बजट भाषण में गैरसैण का जिक्र करना भी उचित नहीं समझा है। करन माहरा ने कहा कि राज्य निर्माण आन्दोलन की इसी भावना का सम्मान करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज गैरसैंण में सांकेतिक विधानसभा का आयोजन किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने बजट की कटु आलोचना करते हुए कहा कि जैसी आशंका थी वह इस बजट में साबित हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी सरकार अपने इस बजट में भी कोई ऐसी योजना लागू नहीं कर पाई है जिसको यह सरकार अपनी एक बडी उपलब्धि के रूप में गिनाते हुए समाज के बड़े वर्ग को लाभ पहुंचाने वाली योजना के रूप में प्रचारित कर सके। वित्त मत्री ने अपने बजट भाषण में समाज के कमजोर तबके, बेरोजगार, महिलाओं का ध्यान रखने की बजाय केन्द्र व राज्य सरकार के महिमा मण्डन का विशेष ध्यान रखा है।

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संगठन एवं प्रशासन मथुरादत्त जोशी ने भी राज्य सरकार के बजट को निराशाजनक बताते हुए बजट की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में केंद्र की कोरी घोषणाओं का ढिंढोरा पीटने के साथ ही नई घोषणाओं का अंबार लगा कर घाटे का बजट पेश कर राज्यवासियों को कर्ज के बोझ तले दबाने का षड्यंत्र किया गया है।

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