साहब! पिता की मौत हो चुकी है। अंतिम संस्कार के लिए रुपये नहीं हैं। इसलिए मदद कर दीजिए। जी हां! शहर में एक ऐसा ही ठग गिरोह सक्रिय हो गया है। जो लोगों के किसी परिचित को अपना पिता बता रहा है। साथ ही उसकी मौत की सूचना देने के बाद लोगों से मदद के नाम पर रुपये मांग रहा है।पिछले एक सप्ताह में ठग गिरोह करीब दस से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। छोटी मोटी रकम के फेर में लोग पुलिस से शिकायत नहीं कर रहे हैं। जिससे ठग गिरोह के हौसले बुलंद हो गए हैं। शहर में ठग गिरोह ने लोगों से ठगी के लिए एक नया तरीका अपनाया है। दरअसल, ठग गिरोह के सदस्य अलग-अलग कॉलोनी में जा रहे हैं।
ये लोग कॉलोनी के आसपास सब्जी, चाट का ठेला लगाने या कपड़े प्रेस करने वाले को अपना पिता बताते हैं। इनका नाम लेकर मौत की जानकारी देते हैं। कॉलोनी के आसपास रेहड़ी और ठेली लगाने वाले की मौत की खबर सुनकर एक बारगी लोग भी हैरत में पड़ जाते हैं।