पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर राज्यसभा में चर्चा हुई। गुरुवार को सरकार ने सदन में साफ कर दिया है कि टिप्पणी के चलते अरब देशों के साथ भारत के दोस्ताना रिश्ते प्रभावित नहीं हुए हैं। खास बात है कि भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की तरफ से की गई एक टिप्पणी पर कई अरब देशों ने आपत्ति जाहिर की थी। साथ ही भारत में भी इसे लेकर जमकर प्रदर्शन हुए थे।
विदेश मामलों के राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा, ‘अरब देशों के साथ भारत ऐतिहासिक और दोस्ताना रिश्ते साझा करता है, जो बीते कुछ सालों में मजबूत हुए हैं।’ सदन में सरकार से सवाल पूछा गया था कि भारत में राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं की तरफ से की गई टिप्पणियों के चलते क्या अरब देशों के साथ भारत के रिश्तों पर कोई असर पड़ा है।
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इन देशों ने जताई थी नाराजगी
कतर, कुवैत, पाकिस्तान, ईरान, इंडोनेशिया, मलेशिया और अजरबैजान टिप्पणी पर आपत्ति जताने वाले देशों में शामिल हैं। इन देशों ने पैगंबर पर टिप्पणी को लेकर भारतीय राजदूतों को भी तलब किया था। मंत्री ने बताया, ‘हमारे राजदूतों ने बताया है कि बयान व्यक्तियों की तरफ से दिए गए थे और किसी भी तरह से भारत सरकार के पक्ष नहीं दिखाते हैं।’उन्होंने कहा, ‘हमारी सभ्यता की विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं के हिसाब से भारत सभी धर्मों का सम्मान करता है।’ खास बात है कि भाजपा ने भी प्रवक्ताओं पर कार्रवाई करते हुए शर्मा को निलंबित कर दिया था। वहीं, उनका समर्थन करने के चलते नवीन जिंदल को पार्टी से बाहर कर दिया था।