शराब की दुकान के खिलाफ सड़कों पर उतरी महिलाएं, कमिश्नर से की शिकायत

📰 सेवा भारत टाइम्स | नैनीताल

नैनीताल। मंगोली क्षेत्र में प्रस्तावित दो शराब की दुकानों के विरोध में स्थानीय महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं और सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा— “हमें रोजगार चाहिए, शराब नहीं।”

गांव की महिलाओं ने इसे केवल एक दुकान का विरोध नहीं, बल्कि अपने गांव, बच्चों और भविष्य को बचाने की लड़ाई बताया। उनका कहना है कि पहाड़ों से युवाओं का लगातार पलायन हो रहा है, लेकिन रोजगार के अवसर देने के बजाय शराब की दुकानें खोली जा रही हैं, जिससे समाज कमजोर हो रहा है।

⚠️ ग्राम प्रधान की चेतावनी

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं ग्राम प्रधान प्रेम मेहरा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो न्याय पंचायत स्तर के सभी ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य सामूहिक इस्तीफा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगी।

🏫 स्कूल के पास दुकान पर चिंता

महिलाओं की सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रस्तावित शराब की दुकान के पास ही एक स्कूल स्थित है। उनका कहना है कि इससे बच्चों की सुरक्षा और भविष्य पर गंभीर खतरा पैदा होगा। अब तक शांत और सुरक्षित रहे क्षेत्र के सामाजिक ताने-बाने पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

📢 पहले भी किया था विरोध

महिलाओं का आरोप है कि वे पहले भी इस प्रस्ताव का विरोध कर चुकी हैं, लेकिन प्रशासन उनकी बातों को नजरअंदाज कर प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

👮‍♂️ कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

इसी बीच जब दीपक रावत क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे, तो महिलाएं उनसे मिलने पहुंचीं। उन्होंने नारेबाजी करते हुए कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा और गांव में शराब की दुकान न खोलने की मांग की।

कमिश्नर ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

📌 निष्कर्ष:

मंगोली की महिलाओं का यह आंदोलन अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि पहाड़ की सामाजिक संरचना और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने की लड़ाई बन चुका है।

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