हैदराबाद से पीएम मोदी का BJP को बड़ा संदेश, कार्यकर्ताओं को मंत्र भी दिया और चेताया भी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हैदराबाद से भाजपा कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश दिया है। एकतरफ उन्होंने तेलंगाना में डबल इंजन सरकार की बात कहकर भाजपा के दक्षिण में विस्तार की राहें खोलीं। वहीं दूसरी तरफ उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को सिर्फ हिंदुओं के बजाए गरीब और शोषित वर्गों के साथ जुड़ने की भी बात कही। सिर्फ इतना नहीं, पीएम मोदी ने भाजपा नेतृत्व को लंबे समय तक शासन करने वाले अन्य दलों का मजाक उड़ाने से भी मना किया।

तेलंगाना से दक्षिण पर नजर
बता दें कि तेलंगाना में अगले साल के अंत तक चुनाव होने वाले हैं। इसको देखते हुए भाजपा इस राज्य में अपने आप को मजबूत करना चाहती है। भाजपा द्वारा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का हैदराबाद में आयोजन की इसी दिशा में उठाया गया कदम कहा जा सकता है। इस बैठक में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ पीएम मोदी भी मौजूद थे। कार्यकारिणी की बैठक में पीएम मोदी ने पार्टी को स्पष्ट संदेश दिया कि उसे अब हिंदुओं के साथ अन्य समुदायों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे समुदायों पर ध्यान देने की बात कही, जो शोषित है और कमजोर है।

केसीआर के गढ़ में गरजे पीएम मोदी, कहा-डबल इंजन की सरकार चाहते हैं तेलंगाना के लोगउनके जैसी गलती न करें
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भाजपा नेतृत्व को लंबे समय तक देश पर शासन करने वाली पार्टियों का मजाक बनाने से भी बचने के लिए कहा है। जाहिर सी बात है पीएम मोदी का इशारा भाजपा नेतओं द्वारा अक्सर कांग्रेस पर की जाने वाली टिप्पणियों की तरफ था। पीएम ने कहा कि इन पार्टियों ने लंबे समय तक शासन तो किया लेकिन उन्होंने गलतियां कीं और अब तेजी से पीछे जा रहे हैं। हमें इससे सबक सीखना है और उनके जैसी गलतियां नहीं दोहरानी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत परिवारवादी राजनीति और परिवारवादी पार्टियों से ऊब चुका है।
आजमगढ़-रामपुर उपचुनाव नतीजों का असर?
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात यूं नहीं कही है। माना जा रहा है कि पीएम की इस बात के पीछे आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव नतीजों का असर है। असल में यह दोनों सीटें भाजपा की परंपरागत सीटें नहीं रही हैं। दोनों ही लोकसभा क्षेत्रों में मुस्लिम वोटरों की बहुलता है। इसके बावजूद जिस तरह से भाजपा ने यहां पर जीत हासिल की है, उसने आगे के लिए उसे रास्ता दिखाया है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने अपनी बात के जरिए कार्यकर्ताओं को संदेश देने की कोशिश की है वह पसमांदा समाज जैसे पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर तबके से अपने आपको जोड़े।

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