क्या वास्तव में देश में संपत्ति की चोरियां घट रही हैं? केंद्र सरकार के आंकड़ों की मानें तो पिछले पांच सालों में संपत्ति की चोरियों में करीब 55 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। दूसरी सुखद खबर यह भी है कि पुलिस बहुत चुस्त-दुरुस्त हो गई है और कुल चोरी हुई संपत्ति के एक तिहाई को वह बरामद करने में सफल हो रही है।
ये रोचक आंकड़े सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की एक ताजा रिपोर्ट में दिये गए हैं। यह रिपोर्ट सरकार ने सतत विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) की प्रगति को लेकर तैयार की है। सतत विकास के 17 लक्ष्यों में 16वां लक्ष्य शांति, न्याय अैर मजबूत संस्थानों से संबंधित है।
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इसमें कानून का राज और सबको न्याय की बात कही गई है। सतत विकास के लक्ष्यों को 2030 तक पूरा किया जाना है। इसी कड़ी में सरकार ने राष्ट्रीय क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार 2015 में देश भर में कुल 8210.4 करोड़ रुपये की संपत्ति चोरी हुई थी जिसमें से 16 फीसदी यानी करीब 1350 करोड़ की संपत्ति पुलिस ने बरामद कर ली। लेकिन उसके बाद से साल दर साल संपत्ति की चोरी घटती गई है और बरामदगी बढ़ती रही है। रिपोर्ट में कहा गया है 2020 में सिर्फ 3678 करोड़ की संपत्ति चोरी हुई। यह पांच साल पहले तक हो रही संपत्ति चोरी के आधे से भी कम है। इतना ही नहीं एक तो संपत्ति चोरी घटी, वहीं इसकी बरामदगी भी बढ़ी है। 2020 में 32.2 फीसदी यानी 1185 करोड़ की संपत्ति की बराबदगी की गई है। रिपोर्ट में कहने की कोशिश की गई है कि कानून का राज बेहतर तरीके से लागू हो रहा है तथा संपत्ति की बरामदगी बढ़ने से सबको न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में प्रगति हो रही है।