आरएसएस (RSS) के प्रांत प्रचारक युद्धवीर यादव को लेकर वायरल की गई सूची के मामले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले में एसटीएफ तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है। उधर, नौकरी की सूची में शामिल लोगों की गोपनीय जांच होने की चर्चा है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में नियुक्तियों की एक सूची सोशल मीडिया में वायरल की जा रही है।
जिसका संज्ञान लेकर आरएसएस के प्रांत कार्यवाहक दिनेश सेमवाल ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में तहरीर देकर केस दर्ज कराया है। वायरल सूची में प्रांत प्रचारक युद्धवीर की तरफ से लोगों को नौकरी दिलाने के नाम की सूची बताई जा रही है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया तकनीकी साक्ष्य जुटाकर सूची वायरल करने वालों की पहचान की जा रही है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि जांच की जा रही है।
हरीश ने सोशल मीडिया से हटाई सूची
सरकारी नौकरी और ठेके दिलाने से जुड़ी वायरल सूची को पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने फेसबुक पेज से हटा दिया है। हालांकि उन्होंने अपनी पोस्ट डिलीट नहीं की और अपनी बात पर कायम रहने की बात लिखी है। हरीश रावत ने अपनी ताजा पोस्ट में लिखा कि ‘मेरी पोस्ट में जो कुछ मैंने कहा है, वह तथ्य संगत और तर्कसंगत, दोनों हैं। उन्होंने सूची हटा दी है।