अनुमोदन नहीं लेने पर रेखा आर्य ने बताया ‘रूल ऑफ बिजनेस का उल्लंघन’, सभी तबादले किए निरस्त

विभागीय अधिकारियों के तबादलों के मामले में एक बार फिर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले की मंत्री रेखा आर्य विभागीय सचिव से नाराज हो गई हैं। मंत्री ने खाद्य आयुक्त सचिन कुर्वे की ओर से नैनीताल जिले के जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन को अनिवार्य रूप से अवकाश पर भेजे जाने और बिना उनके संज्ञान में लाए छह जिलों के जिला पूर्ति अधिकारियों के स्थानांतरण किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने खाद्य आयुक्त को पत्र लिखकर इस मामले में जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही मुख्य सचिव को भी पत्र लिखकर खाद्य आयुक्त पर सख्त कार्रवाई किए जाने को कहा है। मंत्री ने इस पूरे मामले से मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया है।

मंत्री रेखा आर्य ने इसे बेहद ही खेदजनक और रूल्स ऑफ बिजनेस का घोर उल्लंघन बताया है। मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बिना इस तरह की कार्रवाई किया जाना मनमानी व एकाधिकार प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि खाद्य आयुक्त की इस कार्रवाई को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। उनकी ओर से खाद्य आयुक्त को दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया। जबकि बिना उनकी जानकारी में लाए राज्य के छह जिलों के जिला पूर्ति अधिकारियों के स्थानांतरण के आदेश जारी कर दिए गए। मंत्री ने इन सभी तबादलों को निरस्त कर दिया है। बताते चलें कि खाद्य आयुक्त सचिन कुर्बे की ओर से बीते 20 जून को खाद्य मंत्री रेखा आर्या को बिना बताए नैनीताल जिले के जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन को अनिवार्य रुप से अवकाश पर भेजे जाने का आदेश जारी कर दिया गया था। जबकि, मंत्री ने खाद्य आयुक्त को पत्र जारी कर नैनीताल जिले के जिला पूर्ति अधिकारी को उनके दायित्व दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन खाद्य आयुक्त ने उनके आदेशों का अनुपालन नहीं किया।

मंत्री ने इसे विभागीय मंत्री के अधिकार क्षेत्र के अतिक्रमण होने के साथ रूल ऑफ बिजनेस का भी उल्लंघन बताया है। इस संबंध में मंत्री ने मुख्य सचिव को भी पत्र लिखकर खाद्य आयुक्त पर सख्त कार्रवाई किए जाने को कहा है। इस संबंध में सचिव सचिन कुर्बे ने कहा कि उनकी ओर से तबादला एक्ट-2017 के तहत ही स्थानांतरण किए गए हैं। इस मामले में पत्रावली भेजकर मंत्री का अवगत करा दिया जाएगा। पिछली सरकार के कार्यकाल में भी मंत्री रेखा आर्य की तत्कालिन सचिव षणमुगम से ठन गई थी। तब प्रकरण में जांच तक बैठानी पड़ी थी।

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