अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सीएम भगवंत मान के शादी समारोह में गुरु ग्रंथ साहिब ले जाने वाली वैन की जांच को लेकर आपत्ति जताई है। 7 जुलाई को चंडीगढ़ स्थित आवास पर भगवंत मान ने शादी रचाई थी। इस मौके पर गुरुद्वारे से गुरुग्रंथ साहिब को लाया गया था। परिसर में वाहन के प्रवेश के पहले ही दो सुरक्षाकर्मियों ने गाड़ी रोकी और स्कैनर्स से जांच की।
सोशल मीडिया पर इसका वीडियो शेयर किया गया। इसके बाद सिख संगठनों ने इसकी आलोचना की है। इसे गुरु का अपमान बताया जा रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के सदस्यों ने चीफ हरजिंदर सिंह धामी की अगुआई में ज्ञानी हरप्रीत सिंह से गुरुवार को मुलाकात की। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई के लिए एक ज्ञापन सौंपा है।
इस मुलाकात के बाद जत्थेदारा ने कहा, जो भी हुआ बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। गुरुग्रंथ शाहिब हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ हैं। पालकी साहिब को ले जाने वाली वैन को चेक करना ठीक नहीं था। ऐसी घटनाओं से सिखों की भावनाओं को चोट पहुंचती है। इस बीच एसजीपीसी के चीफ धामी ने कहा कि यह घटना इसलिए और भी आहत करती है क्योंकि जो कुछ हुआ वह मुख्यमंत्री के आवास पर हुआ। उन्हें सभी धर्मों का आदर करना चाहिए। बता दें कि भगवंत मान की शादी में सीमित लोगों को ही बुलाया गया था। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आप सांसद राघव चड्ढा शामिल हुए थे। 48 साल के मान ने गुरप्रीत मान से दूसरी शादी रचाई है। वह पहली पत्नी से 2015 में तलाक ले चुके हैं। पहली शादी से उनके दो बच्चे हैं। वे अपनी मां के साथ अमेरिका में रहते हैं।