न्यूज़ (Seva Bharat Times):
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में वीकेंड और अवकाश के चलते पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन इस दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। देहरादून से मसूरी तक लंबा जाम लगने के कारण पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को मसूरी पहुंचने में 2 से 3 घंटे तक का समय लग गया।
लगातार लग रहे जाम के चलते प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। हर साल पर्यटन सीजन से पहले व्यवस्थाओं की समीक्षा और सुधार के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
शहर के प्रमुख मार्ग—जेपी बैंड से लाइब्रेरी चौक, किंक्रेग से पिक्चर पैलेस और माल रोड सहित कई क्षेत्रों में घंटों तक वाहन रेंगते नजर आए। गुड फ्राइडे के मौके पर हालात और भी बदतर हो गए, जब देहरादून से मसूरी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पार्किंग की कमी और ट्रैफिक मैनेजमेंट की खामियां इस समस्या की बड़ी वजह मानी जा रही हैं। हालांकि सीमित संसाधनों के बीच पुलिसकर्मी लगातार जाम खुलवाने में जुटे रहे, लेकिन बढ़ती भीड़ के आगे व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं।
लंढौर बाजार क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है, जहां जाम की समस्या वर्षों से बनी हुई है। छावनी परिषद द्वारा सीमित वाहनों के पंजीकरण का निर्णय भी कारगर साबित होता नहीं दिख रहा, उल्टा वैकल्पिक मार्गों पर भी दबाव बढ़ गया है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार जाम से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं, पर्यटकों का अनुभव भी खराब हो रहा है, जिससे मसूरी की छवि पर असर पड़ सकता है।
यदि समय रहते ठोस ट्रैफिक प्लान और पार्किंग व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले पर्यटन सीजन में स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन और पुलिस को मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना होगा, ताकि मसूरी की पहचान जाम नहीं बल्कि उसकी खूबसूरती से बनी रहे। 🚧