हाई स्कूल चामासारी रायपुर में आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में NDRF 15 बटालियन के इंस्पेक्टर श्रीमान आनंद सिंह डिगारी के नेतृत्व में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौकी चुंगी चामासारी,राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय चामासारी और हाई स्कूल चामासारी रायपुर में आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।

उत्तराखंड (देहरादून) वीरवार, 13 फ़रवरी 2025 NDRF 15 बटालियन के इंस्पेक्टर श्रीमान आनंद सिंह डिगारी के नेतृत्व में जाबांज 13 सदस्यीय दल के द्वारा राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौकी चुंगी चामासारी रायपुर, राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय चामासारी और हाई स्कूल चामासारी रायपुर देहरादून के बच्चों के मध्य प्राकृतिक और मानव जनित आपदा प्रबंधन पर विस्तार से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह रावत द्वारा बच्चों को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ़) का मुख्य काम आपदाओं के दौरान विशेष प्रतिक्रिया देना है। NDRF का कार्य उत्तराखंड के परिपेक्ष में अति महत्वपूर्ण बना हुआ है। यह किसी भी तरह की आपदा या आपात स्थिति में राहत और सहायता प्रदान करते हैं और भविष्य की हर आपदा जनित समस्याओं को कम से कम जानमाल के नुकसान से उभारने हेतु उच्च स्तरीय प्रशिक्षित बल है। एनडीआरएफ़, भारत का प्राथमिक आपदा प्रतिक्रिया बल है.

एनडीआरएफ़ के मुख्य काम::

1 आपदाओं और आपात स्थितियों में त्वरित और कुशल प्रतिक्रिया देना।

2. बचाव कार्य करना।

3. संकट के समय मानवीय सहायता देना।

4. राहत और पुनर्वास के लिए अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना।

5. राज्य प्रतिक्रिया बलों SDRF को प्रशिक्षण देना।

6. जन जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाना।

7. प्रशिक्षण अभ्यास और मॉक ड्रिल में भाग लेना है।

आज प्रशिक्षण दिवस पर उपस्थित इंस्पेक्टर डिगारी जी द्वारा बच्चों को सम्बोधित करते हुए बताया गया है कि एनडीआरएफ़ की स्थापना साल 2005 में भारत में आई सुनामी और गुजरात सहित भारत में पूर्व में आयी आपदा के जवाब में गठित की गई थी। यह एक अत्यधिक प्रशिक्षित और सुसज्जित बल है। यह भारत और विदेशों में हाल ही में तुर्की सहित कई आपदाओं और आपात स्थितियों का सफलता पूर्वक बचाव एवं पूनर्वास का उद्देश्य पूर्ण कर चुका है।

एनडीआरएफ़ की वेबसाइट के ज़रिए या राष्ट्रीय नियंत्रण कक्ष पर कॉल करके संपर्क किया जा सकता है। इस दौरान बच्चों को बाढ़, भूकंप, दावानल सहित अन्य सभी प्रकार की आगजनी, प्राथमिक स्वास्थ्य, CPR देना, घायल के बचाव, अग्नि शमन यंत्रो का सफलता से प्रयोग, मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया गया।

आज के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम से बच्चे अत्यधिक उत्साहित दिखे, साथ साथ उनके द्वारा प्रति वर्ष कम से कम तीन बार आपदा से सम्बंधित ऐसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण के आयोजन की मांग भी उठाई गयी। प्रशिक्षण कार्यक्रम/ प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रधानाध्यापिका संतोष रावत, धर्मेन्द्र सिंह रावत, बसंती देवी, एवं NDRF के एक्सपर्ट की टीम उपस्थित रही।

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