सरकार ने नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) की नियुक्ति के संबंध में नियमों में अहम संशोधन किए हैं। इसके मुताबिक अब वायुसेना का कोई भी अफसर सीडीएस बन सकता है। रक्षा मंत्रालय ने नियमों के बदलाव को लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि सरकार नए सीडीएस के चयन की प्रक्रिया में तेजी ला रही है। गौरतलब है कि भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पिछले साल दिसंबर हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद से यह पद खाली चल रहा है।
वायुसेना का कोई अफसर
एयरफोर्स द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक सरकार इसके लिए एयर मार्शल या एयर चीफ मार्शल के रूप में तैनात किसी अफसर के नाम पर विचार कर सकती है। इसके अलावा इसी रैंक से रिटायर उस अफसर को भी यह पद सौंपा जा सकता है, जिसकी उम्र अप्वॉइंटमेंट के समय 62 साल न हो। नोटिफिकेशन में यह बात भी कही गई है कि सरकार सीडीएस की सेवा को विस्तार भी दे सकती है। इसके लिए अधिकतम उम्र सीमा 65 साल तय की गई है। यानी नया सीडीएस 65 साल की उम्र तक अपने पद पर बना सकता है।
भारत के पहले सीडीएस थे बिपिन रावत
बता दें कि जनरल बिपिन रावत भारत के पहले सीडीएस थे। पिछले साल 8 दिसंबर को कुनूर के नजदीक एमआई-16वी5 के क्रैश में उन्होंने अपनी जान गंवा दी। जनरल रावत की मौत को भारतीय सशत्र सेना में हो रहे अहम सुधारों के लिए एक बड़ा झटका माना जाता है। उनकी मौत के बाद से नए सीडीएस की नियुक्ति नहीं हो पाई है। वहीं रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ की नियुक्ति में तेजी आएगी।