पिथौरागढ़। बकरियां चराने और कीड़ा-जड़ी निकालने उच्च हिमालयी इलाके में गए एक युवक की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए धारचूला लाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार खेत गांव निवासी तेज सिंह 35 वर्ष पुत्र मदन सिंह कीड़ा जड़ी निकालने और भेड़ बकरियां चराने उच्च हिमालयी क्षेत्र के रपकिया तोक में गया था।
बताया जा रहा है कि खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तेज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। साथ में मौजूद ग्रामीण वहां पर नेटवर्क नहीं होने से इसकी सूचना प्रशासन को नहीं दे सके। इसके बाद ग्रामीण तेज सिंह के शव को लेकर धारचूला पहुंचे। धारचूला मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि बिजली गिरने से ग्रामीण की मौत होने का मामला आया है।
पुलिस घटना की जांच की जा रही है। सीमांत जिले में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। पिथौरागढ़ जिले के अधिकांश हिस्सों में आंधी के साथ तेज बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। पिथौरागढ़ और डीडीहाट में कई जगहों पर घरों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। जनजीवन अस्त-व्यस्त होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद घने बादल छा गए और आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही।
जिला मुख्यालय में बारिश ने नगर निगम के सफाई के दावों की पोल खोल दी। बैंक रोड समेत कई जगहों पर बारिश के साथ गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा। पुराना बाजार सहित कई जगहों पर घर और दुकानों में पानी घुस गया। अचानक हुई बारिश से गांधी चैक समेत अन्य स्थानों पर खुले में व्यवसाय करने वाले दुकानदारों को अपना सामान समेटना पड़ा।
डीडीहाट में मूसलाधार बारिश से कई दुकानों में पानी भर गया। साथ ही कई वार्डों के मकानों में भी जलभराव हो गया था। पिथौरागढ़ा भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है। खेतों में सूखने के लिए रखे गए गेहूं खराब हो गए। साग-सब्जियों के पौधे तहस-नहस हो गए हैं। अस्कोट में कड़कड़ाती बिजली और घने बादल छाने से दिन में ही अंधेरा हो गया था।
तेज बारिश के कारण क्षेत्र में बोए गए कद्दू, ककड़ी, मिर्च, बैंगन आदि को काफी नुकसान पहुंचा। उधर नाचनी के ऊंचाई वाले नामिक, गौला, समकोट, कोटा, धामी गांव आदि जगहों पर किसानों की तैयार फसल बर्बाद हो गई है। गोल गांव के सब्जी उत्पादक मनोहर सिंह बिष्ट ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश से तापमान गिर गया है। आंधी के साथ आए ओले और तेज बारिश से आम और लीची के फलों को काफी नुकसान पहुंचा है।