अंकिता के दोस्त पुष्प और पुलकित आर्य के बीच बातचीत में खुले कई राज!

गायब होने के बाद अंकिता से संपर्क नहीं होने पर उसके परेशान दोस्त पुष्प ने जब हत्यारोपी पुलकित आर्य से उसके बारे जानना चाहा, तो वह गुमराह करता रहा। खुद को बचाने के लिए कहानियां गढ़ता रहा। इतना ही नहीं शातिर पुलकित ने अंकिता के दोस्त पुष्प को भी फंसाने की कोशिश की।

हत्यारोपी पुलकित आर्य और अंकिता के दोस्त पुष्प के बीच फोन पर हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि, हिन्दुस्तान इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता। जम्मू में रहने वाले युवक पुष्प की अंकिता से दोस्ती थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत और व्हाट्सएप पर भी चैटिंग होती थी।

अंकिता ने पुष्प को होटल में हो रहे गंदे कामों की जानकारी दी थी। जिस रात अंकिता ही हत्या हुई, उससे पहले शाम को पुष्प की उससे बात हुई थी। अंकिता ने पुष्प से कहा था कि वह साढ़े आठ बजे फोन करेगी और कुछ बताएगी। जब अंकिता का फोन नहीं आया तो पुष्प परेशान हो गया।

अगले दिन पुलकित ने दूसरे फोन से पुष्प से बातचीत की। जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हो रही है। इन ऑडियो में पुष्प-अंकिता कहां है, उसका कुछ पता चला.. लेकिन पुलकित गुमराह करता रहा कि वह और अंकिता ऋषिकेश घूमकर रिजॉर्ट लौटे थे। जांच में झूट पकड़ा गया।

पुष्प और पुलकित के बीच हुई बातचीत के अंश
पुष्प : आपका फोन लिया था क्या अंकिता ने?
पुलकित : अंकिता का फोन स्विच ऑफ हो गया था। बैटरी डाउन हो गई थी उसकी। उसे तुमसे बात करनी थी। उसने मेरा फोन लिया। उसने कहा कि मैं आपको मॉर्निंग में दे दूंगी फोन।
पुष्प : और आपने फोन दे दिया?
पुलकित : मुझे रात में क्या करना था फोन का, दे दिया।
पुष्प : उसने मेरे को फोन नहीं किया। उल्टा मैंने तीन बार फोन किया तो उठाया नहीं, ऐसा कैसे हो सकता है, बताइए?
पुलकित : मेरे फोन पर भी घंटी बजी क्या, मेरा फोन भी नहीं उठाया।
पुष्प : हांजी, यही तो मैं कह रहा हूं, ये रात साढ़े दस बजे की बात है।
पुलकित : साढ़े दस बजे तक तो हम सो रहे थे, वहां रिजॉर्ट में। नौ बजे तक हम रिजॉर्ट आ गए थे। उसको खाना सर्व किया, खाना खाया उसने। नौ बजे के करीब।
पुष्प : जब आप बाहर थे, तब मेरी लास्ट टाइम बात हुई। फिर आपका फोन आया। उसके बाद से उनका फोन बंद है और अभी तक बंद है।
पुलकित : तो मैं वही तो कह रहा हूं, मैं सुबह-सुबह निकला मैं रिजॉर्ट से छह बजे।
पुष्प : अभी आपका फोन मिला या नहीं मिला?
पुलकित: अभी तक नहीं मिला फोन।
पुष्प: आप अपने फोन को सर्च कीजिए।
पुलकित : मैंने सुबह भास्कर को बोला अंकिता के रूम में मेरा फोन है, उसे नॉक करके ले आ और फोन चार्जिंग पर लगा दे। उसने सौरभ को भेजा तो बताया कि वो तो रूम में नहीं है। सामान तो रखा है।
पुष्प : सीसीटीवी तो होंगे न आपके यहां..
पुलकित : चेक करता हूं, सीसीटीवी, क्या है क्या नहीं, चल रहे हैं कि नहीं
पुलकित : गुस्से में-पुष्प मैं आपसे ज्यादा जिम्मेदार व्यक्ति हूं, ये सब सीनेरियो मुझे कचोट रहा है, मुझे समझ में बात नहीं आ रही, क्या आप साथ तो नहीं हो, मुझे सच बात  बताइए।
पुष्प : सर, अगर ऐसा होता तो मुझे आपको कॉल करने की क्या जरूरत थी। मैं अपने घर पर हूं, मेरी लोकेशन देखिए आप, इतनी जल्दी पॉसिबल नहीं हो सकता, यहां से 13-14 घंटे की जर्नी है।
पुलकित : कल वैसे आपकी बात हुई थी, क्या बताया उसने…
पुष्प : थोड़ी परेशान थी। कुछ बताया नहीं उसने, उसने साढ़े आठ बजे फोन करने को कहा था।
पुलकित : हम ऋषिकेश घूमने गए थे। एम्स के गेट के सामने बैठकर आपसे बात की थी उसने, तब तक वेट करते रहे कि कब आपकी बात खत्म हो।

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