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देहरादून, 31 मार्च 2026: उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों के लिए हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) और हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में अस्पताल प्रतिनिधियों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) से HMIS को जोड़ने और चिकित्सा कर्मियों के लिए HPR रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) में भी सभी अस्पतालों को पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
राज्य मिशन निदेशक रीना जोशी के निर्देशों के क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में 40 से अधिक निजी सूचीबद्ध अस्पतालों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि अन्य अस्पताल वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक प्रशासन डॉ. डी.पी. जोशी और निदेशक क्लेम डॉ. सरोज नैथानी ने की। उन्होंने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए कि वे समयबद्ध तरीके से 100% HPR बनाएं और अपने HMIS को ABDM प्लेटफॉर्म से जोड़ें।
निदेशक क्लेम डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि HMIS लागू करने के साथ-साथ HPR और HFR की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती की गई है। पहले चरण में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों में यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
कार्यक्रम में ABDM प्रबंधक प्रज्ञा पालिवाल ने PPT के माध्यम से अस्पतालों को डिजिटल सिस्टम के क्रियान्वयन, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और इसके महत्व की जानकारी दी। इस दौरान अस्पताल प्रतिनिधियों ने अपने सवाल भी रखे, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
👉 इस पहल से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और डिजिटल एकीकरण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।