जनता दर्शन में फरियाद के बाद प्रशासन हरकत में आया, मौके पर ही मिला न्याय।
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बसंल की सक्रियता और त्वरित हस्तक्षेप से एक वर्षों से लंबित भूमि विवाद का समाधान हो गया। मामला तब सामने आया जब फरियादी उम्मेद सिंह ने अपने पुत्र उत्पल सिंह की निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत जनता दर्शन में दर्ज कराई।
फरियादी ने आरोप लगाया कि भूमि सीमांकन में लगातार देरी हो रही है और प्रशासनिक सहयोग नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। 06 अप्रैल को पुनः जनता दर्शन में पहुंचकर शिकायत दोहराने पर डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसील प्रशासन डोईवाला को तत्काल तलब किया और 07 अप्रैल 2026 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, उत्पल सिंह ने 22 अप्रैल 2025 को धारा 41 एल.आर. एक्ट के तहत आवेदन किया था। इसके बाद 26 जुलाई 2025 को जांच आख्या प्रस्तुत की गई और 25 सितंबर 2025 को दोनों पक्षों को सूचित किया गया कि फसल कटाई के बाद सीमांकन कार्य किया जाएगा।
डीएम के सख्त निर्देशों के बाद राजस्व विभाग ने तेजी दिखाते हुए 11 मार्च 2026 को मौजा बक्सरवाला स्थित खसरा संख्या 132क, 138ख एवं 139 का सीमांकन कार्य पूरा कर दिया। संबंधित भूमि वर्ष 1993 में खरीदी गई थी।
इस प्रकरण में जिला शासकीय अधिवक्ता (दीवानी) की विधिक राय भी ली गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि आवश्यकतानुसार पुलिस प्रशासन की मदद से चिन्हांकन सुनिश्चित कर कार्रवाई की जाए।
👉 डीएम का जनता दर्शन बना राहत का केंद्र:
जिलाधिकारी सविन बसंल का जनता दर्शन कार्यक्रम आमजन के लिए राहत का बड़ा मंच बनता जा रहा है, जहां न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिल, ऋणमाफी जैसे मामलों का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है।