जिला कारागार रोशनाबाद में चल रही रामलीला में 25 बंदी विभिन्न पात्रों का किरदार निभा रहे हैं
जिला कारागार रोशनाबाद में चल रही रामलीला में 25 बंदी विभिन्न पात्रों का किरदार निभा रहे हैं। मंच का संचालन जितेंद्र सैनी, विष्णु, राम व श्रवण का किरदार दीपक भट्ट, लक्ष्मण का किरदार डूंगर सिंह, सीता व लक्ष्मी का किरदार रोहित, भरत का किरदार अंकित, शत्रुघन का किरदार अंकुश निभा रहे है।
जाने कौन सा बुरा वक्त मेरे जीवन में आया, जिसके बाद मैं यहां बंद हूं, लेकिन आज राम का किरदार निभाते हुए महसूस हो रहा कि असली किरदार तो यह है। जिसमें आज्ञाकारी पुत्र हैं। मर्यादा और संस्कार हैं। जिला कारागार में एक मामले में बंद दीपक भट्ट भावुकतावश बहुत कुछ कह पाते, इतने में राम का पात्र निभाने मंच की ओर चल पड़े।
कारागार में चल रही रामलीला
जिन हाथों में कभी हथियार थे। चोरी, डकैती, लूट, बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में लिप्त रहे। आज कारागार में बंद हैं और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के पद चिन्हों पर चलना सीख रहे हैं। वहीं राम, सीता और रावण का किरदार निभा रहे हैं। कारागार में चल रही रामलीला में कैदियों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी रामलीला में अभिनय नहीं किया।
कोई हत्या के आरोप में बंद तो कोई छेड़खानी के कारण। सब राम और रामायण में रम गए हैं। हर किरदार में इतनी गहराई से उतरे हैं कि भगवान के आदर्श और मानव के स्वभाव के बीच के अंतर को खूब समझ चुके हैं। भगवान के नाम की पावन धारा के बीच उनके निर्मल मन हो रहे।
हर किरदार को मिली सीख
जिला कारागार में सीता का किरदार निभा रहे रोहिता कहते हैं कि रामायण ने मेरे मन को बदला है। पति-पत्नी का रिश्ता एक दूसरे की समझ पर टिका है। दोनों का फर्ज है कि कहीं बाधा आए तो मिलकर सुलझाएं। भगवान राम का पात्र निभा रहे दीपक कहते हैं, काश, मैंने रामायण को पहले पढ़ लिया होता। रिहर्सल के दौरान हर पात्र को करीब से समझा। मर्यादा का पालन सीख लिया है।
25 बंदी निभा रहे पात्रों का किरदार
जिला कारागार रोशनाबाद में चल रही रामलीला में 25 बंदी विभिन्न पात्रों का किरदार निभा रहे हैं। मंच का संचालन जितेंद्र सैनी, विष्णु, राम व श्रवण का किरदार दीपक भट्ट, लक्ष्मण का किरदार डूंगर सिंह, सीता व लक्ष्मी का किरदार रोहित, भरत का किरदार अंकित, शत्रुघन का किरदार अंकुश निभा रहे है।
पात्रों के श्रृंगार से लेकर जेल की सजावट का थामा जिम्मा
कारागार में चल रही रामलीला में पात्रों का अभिनय निभाने वाले बंदियों से लेकर मच की सज्जा व ढोल बजाने का काम बंदी ही कर रहे हैं। पात्रों के श्रृंगार का जिम्मा शोभाराम को दिया हुआ है। वहीं संगीतकार, गीतकार उमेश, ढोलक कलाकार लालूराम, और उनके सहयोगी नरेंद्र कुमार है। नृत्य की जिम्मेदारी विपिन कुमार व सौरभ, लेखक की जिम्मेदारी डॉक्टर शोभित कुमार अग्रवाल निभा रहे हैं।
बंदी मनोज माहेश्वरी हैं रामलीला के डायरेक्टर
रामलीला के पात्रों का चयन, भजन, कीर्तन, वेशभूषा और डायलॉग सभी कुछ बंदी मनोज माहेश्वरी के निर्देशन में चल रहा है। उन्हें रामलीला के दोहे कंठस्थ हैं। उन्होंने कहा बुराई का आखिर में अंत ही होता है और यह सत्य सबको समझना चाहिए इससे सभी के दिमाग मे कुछ अच्छी सोच पैदा होगी।
रामलीला सांस्कृतिक पर्व होने के साथ सामाजिक संदेश भी देता है, इसलिए बंदियों के बीच बंदियों के द्वारा रामलीला का आयोजन करवाया गया। ताकि इनपर कुछ सकारात्मक असर हो और बाहर निकलकर से लोग अच्छी जिंदगी बिता सकें।