Uttarakhand Election 2022: New Party Shows Enthusiasm In Every Election But After Losing Everyone Is Silent, Special Report – उत्तराखंड सत्ता संग्राम 2022: हर चुनाव में नई पार्टी-नया जोश, लेकिन हारने के बाद सब खामोश, खास रिपोर्ट

[ad_1]

सार

पिछले चार विधानसभा चुनाव का विश्लेषण करें तो यह साफ होता है कि तमाम दल सिर्फ चुनावी मौसम में नजर आते हैं। ये दल जनता के बीच मुख्य पार्टियों और उनके नेताओं को कोसते हैं। बड़े-बड़े सपने भी दिखाते हैं।

विधानसभा के हर चुनाव में मुख्य राष्ट्रीय पार्टियों के साथ ही तमाम ऐसे दल भी मैदान में प्रत्याशी उतारते हैं, जिनका नाम पहली बार सुना हो या अनसुना हो। यह दल बड़े भारी मुद्दों के साथ जनता के बीच जाते हैं लेकिन जमानत जब्त होने के बाद गुमनामी मेें कैद होकर रह जाते हैं। पिछले चार विधानसभा चुनाव का विश्लेषण करें तो यह साफ होता है कि तमाम दल सिर्फ चुनावी मौसम में नजर आते हैं।

बड़े-बड़े सपने भी दिखाते हैं ये दल

2002 के चुनाव में इन 28 पार्टियों ने उतारे प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट), इंडियन नेशनल लोक दल, जनता दल सेकुलर, जनता दल यूनाइटेड, मुस्लिम लीग केरल स्टेट कमेटी, राष्ट्रीय जनता दल, समता पार्टी, शिवसेना, भारतीय बेरोजगार मजदूर किसान दल, जनता पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी, नव भारत निर्माण पार्टी, नयनिष्ट प्रजातंत्र, राष्ट्रीय किसान दल, राष्ट्रीय लोक दल, राष्ट्रीय परिवर्तन दल, राष्ट्रीय क्रांति दल, समाजवादी जनता पार्टी, उत्तराखंड जनवादी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल।

2007 के चुनाव में इन 37 पार्टियों ने उतारे प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, ऑल इंडिया फार्वर्ड ब्लॉक, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट), जनता दल सेकुलर, जनता दल यूनाइटेड, लोक जन शक्ति पार्टी, मुस्लिम लीग केरल स्टेट कमेटी, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक दल, शिवसेना, उत्तराखंड क्रांति दल, अखिल भारतीय राजार्य सभा, भारतीय बेरोजगार मजदूर किसान दल, भारतीय जन शक्ति, भारतीय महाशक्ति मोर्चा, गोर्खा डेमोक्रेटिक फ्रंट, इंडियन जस्टिस पार्टी, जन लोक कल्याण पार्टी, जन मोर्चा, लोकप्रिय समाज पार्टी, नव भारत निर्माण पार्टी, नवभारत निर्माण पार्टी, नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी, राष्ट्रीय जन सहाय दल, राष्ट्रीय परिवर्तन दल, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, समता पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, समाजवादी जनता पार्टी राष्ट्रीय, उत्तराखंड संस्कृति परिषद, विश्व विकास संघ।ग

भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(मार्क्ससिस्ट), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, जनता दल सेकुलर, जनता दल यूनाइटेड, जम्मू एंड कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी, लोक जन शक्ति पार्टी, मुस्लिम लीग केरल स्टेट कमेटी, राष्ट्रीय लोक दल, शिवसेना, अखिल भारतीय हिंदू महासभा, आदर्श राष्ट्रीय विकास पार्टी, भारतीय चैतन्य पार्टी, बहुजन संघर्ष पार्टी कांशीराम, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(मार्क्ससिस्ट लेनिनिस्ट), गोर्खा डेमोक्रेटिक फ्रंट, हिंदुस्तान निर्माण दल, इंडियन जस्टिस पार्टी, इंकलाब विकास दल, जन लोक कल्याण पार्टी, जय महा भारत पार्टी, मानवाधिकार जनशक्ति पार्टी, महान दल, मैदानी क्रांति दल, मूलनिवासी समाज पार्टी, नैतिक पार्टी, पीस पार्टी, राष्ट्रीय जन कल्याण पार्टी, राष्ट्रीय जन सहाय दल, राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोक निर्माण पार्टी, सैनिक समाज पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, उत्तराखंड जनवादी पार्टी, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी, उत्तराखंड रक्षा मोर्चा।

2017 के चुनाव में इन 34 पार्टियों ने उतारे प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(मार्क्ससिस्ट), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, ऑल इंडिया फॉर्वर्ड ब्लॉक, राष्ट्रीय लोक दल, शिवसेना, समाजवादी पार्टी, आरक्षण विरोधी पार्टी, भारतीय सर्वोदय पार्टी, बहुजन संघर्ष दल, भारत कौमी दल, भारत की लोक जिम्मेदार पार्टी, भारतीय मोमिन फ्रंट, बहुजन मुक्ति पार्टी, भारतीय सुभाष सेना, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट), हमारी जनमंच पार्टी, इंडियन बिजनेस पार्टी, लोक शाही पार्टी सेकुलर, पीस पार्टी, पिपुल्स पार्टी, प्रजामंडल पार्टी, राष्ट्रीय आदर्श पार्टी, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी, राष्ट्रीय जन सहाय दल, सैनिक समाज पार्टी, सर्व विकास पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल डेमोक्रेटिक, उत्तराखंड क्रांति दल, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, उत्तराखंड रक्षा मोर्चा।

हर चुनाव में बरसाती मेंढक की तरह बाहर निकलने वाले इन दलों और नेताओं ने अपनी-अपनी परेशानियों के आधार पर पार्टियां बना रखी हैं। कोई बेरोजगारी से खफा है तो कोई आरक्षण से नाराज होकर अपने प्रत्याशी मैदान में उतार रहा है। कोई सैनिकों की बात करता है तो कोई सबके विकास की। मूल निवास का मुद्दा हो या कौमी एकता का मसला, कथित तौर पर इन सभी समस्याओं का समाधान इन गुमनाम दलों के पास होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कई लोग अपनी राजनीतिक पार्टी इसलिए भी बनाते हैं, क्योंकि इसमें आने वाले चंदे का कहीं कोई हिसाब नहीं होता। चंदा किसने, कितना दिया, कहां खर्च हुआ, कोई पूछने वाला नहीं। राजनीतिक दलों की यह कमाई आयकर के दायरे में भी नहीं आती हैं। लिहाजा, यहां आय का हिसाब रखने की भी जरूरत नहीं होती। कई लोग क्षेत्र विशेष में अपनी पहचान कायम करने के लिए भी चुनाव लड़ने को पार्टी बनाते हैं।

हर चुनाव में बड़ी संख्या में नए दलों के कागज हमारे पास आते हैं। इनका पंजीकरण बतौर सोसाइटी होता है लेकिन यह यहां पंजीकृत नहीं होते। चुनाव आयोग से जुड़े मानकों को पूरा करने के बाद इन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाती है।
-प्रताप शाह, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड

विस्तार

विधानसभा के हर चुनाव में मुख्य राष्ट्रीय पार्टियों के साथ ही तमाम ऐसे दल भी मैदान में प्रत्याशी उतारते हैं, जिनका नाम पहली बार सुना हो या अनसुना हो। यह दल बड़े भारी मुद्दों के साथ जनता के बीच जाते हैं लेकिन जमानत जब्त होने के बाद गुमनामी मेें कैद होकर रह जाते हैं। पिछले चार विधानसभा चुनाव का विश्लेषण करें तो यह साफ होता है कि तमाम दल सिर्फ चुनावी मौसम में नजर आते हैं।

बड़े-बड़े सपने भी दिखाते हैं ये दल

2002 के चुनाव में इन 28 पार्टियों ने उतारे प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट), इंडियन नेशनल लोक दल, जनता दल सेकुलर, जनता दल यूनाइटेड, मुस्लिम लीग केरल स्टेट कमेटी, राष्ट्रीय जनता दल, समता पार्टी, शिवसेना, भारतीय बेरोजगार मजदूर किसान दल, जनता पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी, नव भारत निर्माण पार्टी, नयनिष्ट प्रजातंत्र, राष्ट्रीय किसान दल, राष्ट्रीय लोक दल, राष्ट्रीय परिवर्तन दल, राष्ट्रीय क्रांति दल, समाजवादी जनता पार्टी, उत्तराखंड जनवादी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल।

2007 के चुनाव में इन 37 पार्टियों ने उतारे प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, ऑल इंडिया फार्वर्ड ब्लॉक, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट), जनता दल सेकुलर, जनता दल यूनाइटेड, लोक जन शक्ति पार्टी, मुस्लिम लीग केरल स्टेट कमेटी, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक दल, शिवसेना, उत्तराखंड क्रांति दल, अखिल भारतीय राजार्य सभा, भारतीय बेरोजगार मजदूर किसान दल, भारतीय जन शक्ति, भारतीय महाशक्ति मोर्चा, गोर्खा डेमोक्रेटिक फ्रंट, इंडियन जस्टिस पार्टी, जन लोक कल्याण पार्टी, जन मोर्चा, लोकप्रिय समाज पार्टी, नव भारत निर्माण पार्टी, नवभारत निर्माण पार्टी, नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी, राष्ट्रीय जन सहाय दल, राष्ट्रीय परिवर्तन दल, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, समता पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, समाजवादी जनता पार्टी राष्ट्रीय, उत्तराखंड संस्कृति परिषद, विश्व विकास संघ।ग

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *