देहरादून, 19 मार्च 2026: जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और वितरण व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कालाबाजारी में संलिप्त गैस एजेंसी स्वामियों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सीधे जेल भेजा जाए।
प्रशासन ने जिले की सभी गैस एजेंसियों पर कड़ी निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती कर दी है। ये अधिकारी एजेंसियों की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे और स्टॉक, वितरण व बैकलॉग की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि गैस सिलेंडर केवल होम डिलीवरी के माध्यम से OTP आधारित प्रणाली से ही उपभोक्ताओं तक पहुंचे।
बैकलॉग और मैन्युअल एंट्री पर सख्ती
बैठक में सामने आया कि सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या के चलते लगभग 25 हजार मैन्युअल एंट्री लंबित हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी एजेंसियां इन्हें शाम तक ऑनलाइन अपडेट करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इसके अलावा 25 और 45 दिन की एडवांस बुकिंग का अलग-अलग विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
जिला प्रशासन की क्यूआरटी टीम द्वारा चलाए गए अभियान के तहत अब तक 5 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 3 आरोपियों को जेल भेजा गया है। इसके अलावा 150 घरेलू, 139 व्यावसायिक और 7 छोटे सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अवैध रूप से पकड़े गए सिलेंडरों की एजेंसीवार जांच कर संबंधित स्वामियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
होम डिलीवरी से भीड़ पर नियंत्रण
प्रशासन की नई होम डिलीवरी व्यवस्था से गैस एजेंसियों पर लगने वाली भीड़ में कमी आई है, जिससे कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। साथ ही उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए एजेंसियों पर जरूरी सूचनाएं और बुकिंग नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर और पारदर्शी तरीके से गैस उपलब्ध कराई जा सके।