गोपेश्वर/चमोली | सेवा भारत टाइम्स। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों और शिक्षकों ने एक बार फिर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। आगामी 24 मई को कर्णप्रयाग में आयोजित होने वाली “पेंशन हुंकार महारैली” को सफल बनाने के लिए रविवार को गोपेश्वर में जिला कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कर्मचारियों ने नई पेंशन योजना (एनपीएस) के खिलाफ जोरदार आवाज उठाते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की मांग दोहराई। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष पूरन सिंह फरस्वाण ने कहा कि कर्णप्रयाग महारैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए हर विभाग और कर्मचारी तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक जिला और प्रदेश स्तर पर लगातार आंदोलन चलाए जाएंगे। जिलाध्यक्ष सतीश कुमार ने नई पेंशन योजना को कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि एनपीएस में कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था में कर्मचारी को मूल वेतन का आधा हिस्सा एवं महंगाई भत्ते सहित पेंशन मिलती थी, जिससे भविष्य सुरक्षित रहता था।
जिला महासचिव दिनेश नेगी ने कहा कि सभी विभागों में संपर्क अभियान चलाकर कर्मचारियों को महारैली के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही ब्लॉक स्तर पर भी बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठक में राजकीय शिक्षक संघ दशोली के अध्यक्ष धर्म सिंह चौहान, जूनियर शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष विनोद चंद्र, पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह बृजवाल सहित कई कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
बैठक में नरेंद्र रावत, गौतम हिंडवाल, अर्चना, अंजलि, रेखा भट्ट, राखी चौहान, मंजू पुरोहित, अनीता रावत, कुसुम बिष्ट, सीमा पुंडीर, बृजमोहन रावत, जगत सिंह, राजकिशोर कन्याल, संतोष भंडारी, मनोज तिवारी, सुरेश ठाकुर और समेत कई कर्मचारी पदाधिकारी मौजूद रहे।