देहरादून, 29 मई। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूडी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग भारत सरकार के निधन पर शुक्रवार को देहरादून स्थित उनके वसंत विहार आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों ने पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

श्रद्धांजलि देने पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गढ़वाल सांसद एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने मेजर जनरल खण्डूडी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अनुशासित, सादगीपूर्ण और राष्ट्रसेवा को समर्पित जीवन को नमन किया।

इस अवसर पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि “जनरल साहब से पार्टी कार्यकर्ताओं को बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव उत्तराखंडवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। मेरी संवेदनाएं पूरे परिवार के साथ हैं।”
उन्होंने मेजर जनरल खण्डूडी की पुत्री एवं उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण तथा पुत्र मनीष खण्डूडी को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे अपने पिता के आदर्शों को आगे बढ़ाते रहें। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने परिवार के अन्य सदस्यों से भी आत्मीय संवाद कर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
भाजपा संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने कहा कि “जनरल साहब की कार्यशैली अद्वितीय थी। संगठन और सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।” उन्होंने कहा कि उनका जीवन अनुशासन, निष्ठा और राष्ट्रहित के प्रति पूर्ण समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण था।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा अन्य वरिष्ठ नेता मेजर जनरल खण्डूडी के पुत्र मनीष खण्डूडी के साथ भूमि पर बैठकर उनके दुख में सहभागी बने। नेताओं ने परिवार के साथ समय बिताते हुए इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक व्यक्त किया।
इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।