देहरादून। राष्ट्रीय हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड पत्रकार महासंघ द्वारा सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी प्रेक्षागृह में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले नौ पत्रकारों को प्रतिष्ठित “पत्रकार गौरव सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। समारोह में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, हिंदी भाषा के संरक्षण, मीडिया की विश्वसनीयता और लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के केंद्रीय अध्यक्ष निशीथ सकलानी ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में अमर उजाला के स्थानीय संपादक अनूप वाजपेयी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के अनुरूप मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात हंसा सांस्कृतिक समूह के कलाकारों ने सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना समय की आवश्यकता : अनूप वाजपेयी
मुख्य वक्ता अनूप वाजपेयी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीकों ने समाचारों की प्रस्तुति और प्रसार की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। ऐसे समय में पत्रकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी विश्वसनीयता और निष्पक्षता को बनाए रखने की है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार यदि ईमानदारी, निष्ठा और निष्पक्षता के साथ कार्य करें तो वे किसी भी परिस्थिति में अपने अस्तित्व और समाज के विश्वास को बनाए रख सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों से तकनीकी बदलावों को सकारात्मक रूप से अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक पत्रकारिता को और अधिक प्रभावी बना सकती है, लेकिन पत्रकारिता के मूल मूल्य कभी नहीं बदलने चाहिए।
अनूप वाजपेयी ने कहा कि किसी भी समाचार का समाज पर पड़ने वाला प्रभाव ही पत्रकार की वास्तविक सफलता का मापदंड होता है। पत्रकार का दायित्व केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक, शिक्षित और सकारात्मक दिशा प्रदान करना भी है।
हिंदी भाषा के संरक्षण पर जताई चिंता
अपने संबोधन में उन्होंने हिंदी भाषा की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नई पीढ़ी में हिंदी भाषा के शुद्ध उच्चारण और लेखन की प्रवृत्ति कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि एक अध्ययन में यह तथ्य सामने आया कि देहरादून के कई स्कूली छात्र “देहरादून” और “देवभूमि” जैसे सामान्य शब्दों की भी शुद्ध वर्तनी नहीं लिख पा रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता केवल समाचारों का माध्यम नहीं बल्कि भाषा, संस्कृति और समाज के संरक्षण का भी सशक्त साधन है। पत्रकारों को हिंदी भाषा की शुद्धता और समृद्धि बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
पत्रकारिता के मूल्यों को बचाए रखना बड़ी चुनौती : योगेश भट्ट
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने कहा कि बदलते समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में अनेक नए प्रयोग हो रहे हैं, जो स्वागत योग्य हैं। लेकिन प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ में पत्रकारिता का मूल स्वरूप प्रभावित होता दिखाई दे रहा है।
उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे अपनी खबरों में निष्पक्षता, मौलिकता और तथ्यों की सत्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसे बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार का दायित्व है।
विभिन्न वक्ताओं ने रखे विचार
समारोह में पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष उपेन्द्र थापली, दून इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. डी.एस. मान, वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा, उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा, डॉ. वी.डी. शर्मा, विमल पूर्वाल, भारती सकलानी, भारत चौहान, बिशन सिंह बोरा, प्रदेश प्रभारी सुशील चमोली, प्रदेश उपाध्यक्ष बीना उपाध्याय, प्रदेश सचिव सुभाष कुमार, जिला महामंत्री कृपाल सिंह बिष्ट तथा सहारनपुर से आए भारत भूषण सहित अनेक वक्ताओं ने पत्रकारिता के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि निष्पक्ष और सशक्त पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने का कार्य करती है।
इन पत्रकारों को मिला ‘पत्रकार गौरव सम्मान-2026’
कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नौ पत्रकारों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित पत्रकारों में उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा, अमर उजाला के बिशन सिंह बोरा, हिंदुस्तान के विमल पूर्वाल, न्यूज़-18 के सुनील नवप्रभात, हिम की लहर के संपादक सुशील चमोली, दुनिया टाइम्स के संपादक राजीव शर्मा, सेवा भारत टाइम्स के मुख्य संपादक राजीव मैथ्यू, अनंत ज्योति की संपादक टीना वैश्य तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं आकाश ज्ञान वाटिका के संचालक घनश्याम जोशी शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वी.डी. शर्मा तथा महासंघ के संस्थापक सदस्यों में शामिल हल्द्वानी के वरिष्ठ पत्रकार राजेश सरकार को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत पत्रकारिता जरूरी : निशीथ सकलानी
कार्यक्रम के अध्यक्षीय संबोधन में केंद्रीय अध्यक्ष निशीथ सकलानी ने सभी अतिथियों, पत्रकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कही जाने वाली पत्रकारिता को मजबूत बनाए बिना लोकतंत्र को सशक्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकार अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। आर्थिक कठिनाइयों, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलते मीडिया परिदृश्य के बीच पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों के हितों की रक्षा तथा मीडिया जगत को और अधिक मजबूत बनाने के लिए महासंघ की प्रतिबद्धता दोहराई।
बड़ी संख्या में पत्रकार रहे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रदेश कोषाध्यक्ष दीपक गुसाईं, जिलाध्यक्ष कैलाश सेमवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव मैथ्यू, ओमी पाल, विपुल पांडे, जगमोहन मौर्य, यशराज आनंद, राजेश बहुगुणा, जितेंद्र राजौरी, राजेंद्र सिराड़ी, हेमंत शर्मा, भूपेंद्र भट्ट, धन सिंह बिष्ट, इंद्रेश्वरी ममगाई, विनोद ममगाई, शादाब त्यागी, जनक भाटिया, अरुण औसमंड, मोहेन्द्र कालरा, आशीष नेगी, चांदनी राणा, भारती रानी, शिव नारायण, सूरज चौहान, राकेश भट्ट, राकेश शर्मा, हेमेंद्र मलिक सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, मीडिया कर्मी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार नरेश रोहिला ने किया।
राष्ट्रीय हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित यह भव्य समारोह पत्रकारिता के मूल्यों, हिंदी भाषा के सम्मान तथा लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका को समर्पित रहा। कार्यक्रम ने पत्रकारों को नई ऊर्जा, प्रेरणा और अपने दायित्वों के प्रति और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संदेश दिया।