📍 देहरादून। उत्तराखंड के डेयरी क्षेत्र में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब प्रदेश सरकार ने तकनीक और बाज़ार—दोनों मोर्चों पर ऐतिहासिक पहल करते हुए डेयरी सिस्टम को डिजिटल बनाने और ‘आंचल’ ब्रांड को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाया।
आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में आयोजित कार्यक्रम में पशुपालन, दुग्ध विकास एवं कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उत्तराखंड कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (यूसीडीएफ) और प्रदेश के दुग्ध संघों के लिए ईआरपी (Enterprise Resource Planning) प्रणाली का शुभारंभ किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के लागू होने से अब दूध उत्पादन से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित हो जाएगी।
🥛 ‘आंचल’ को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही यूसीडीएफ और टाटा कंज्यूमर्स प्रा. लि. के बीच हुआ एमओयू। इस समझौते के तहत बद्री गाय घी और पहाड़ी घी जैसे उत्पादों को देशभर में पहुंचाने की योजना है, जिससे ‘आंचल’ ब्रांड को नई पहचान और किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
💻 डिजिटल सिस्टम से किसानों को सीधा लाभ
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि ERP प्रणाली लागू होने से—
- दुग्ध उपार्जन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग होगी डिजिटल
- किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा
- गुणवत्ता और ट्रैकिंग में सुधार आएगा
- योजनाओं का क्रियान्वयन होगा तेज और प्रभावी
उन्होंने लक्ष्य रखा कि अगले 6 महीनों में सभी दुग्ध संघों में ERP सिस्टम लागू कर दिया जाएगा।
📊 उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
सरकार के प्रयासों से डेयरी उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है—
- औसत दैनिक दुग्ध उपार्जन: 2.37 लाख लीटर
- अधिकतम: 2.97 लाख लीटर प्रतिदिन
- आगामी लक्ष्य: 3.25 लाख लीटर प्रतिदिन
साथ ही निर्देश दिए गए कि किसानों को भुगतान 14 दिनों के भीतर किया जाए और दुग्ध संघ अपने लाभ का कम से कम 20% सुरक्षित रखें।
🏆 उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान
कार्यक्रम में चारा उत्पादन से जुड़े एफपीओ और प्रगतिशील महिला दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित किया गया। हरिद्वार और उत्तरकाशी दुग्ध संघों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए पुरस्कार मिला।
🚀 नई परियोजनाओं की घोषणा
- 5 नए बद्री गाय ग्रोथ सेंटर स्थापित होंगे
- सितारगंज में दुग्ध चूर्ण और आइसक्रीम प्लांट लगेगा
- आइसक्रीम ई-पुश कार्ट का शुभारंभ
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने इस पहल को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि यह समझौता राज्य के डेयरी सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
✨ निष्कर्ष:
डिजिटल तकनीक और कॉर्पोरेट साझेदारी के इस संगम से उत्तराखंड का डेयरी सेक्टर अब स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ‘आंचल’ ब्रांड के जरिए पहाड़ का स्वाद अब पूरे देश तक पहुंचेगा—और इसके केंद्र में होंगे राज्य के मेहनती दुग्ध उत्पादक किसान।