देहरादून। जिलाधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लिमिटेड डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति तथा संचालन एवं अनुरक्षण (ऑपरेशन एंड मेंटिनेंस) कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत स्वीकृत 22 परियोजनाओं में से 21 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें से 10 परियोजनाओं का हस्तांतरण संबंधित विभागों को किया जा चुका है, जबकि शेष परियोजनाओं के हैंडओवर की प्रक्रिया प्रगति पर है।
जिलाधिकारी ने पूर्ण हो चुकी लेकिन अब तक हस्तांतरित न की गई 11 परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को कारण सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के हैंडओवर में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
ग्रीन बिल्डिंग परियोजना पर विशेष फोकस
समीक्षा के दौरान एकमात्र निर्माणाधीन ग्रीन बिल्डिंग परियोजना की प्रगति लगभग 40 प्रतिशत बताई गई। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित लेबर प्लान के अनुसार पर्याप्त संख्या में श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से प्रगति की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
डॉ. चौहान ने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना में हुई देरी के कारणों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया जाए तथा इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए।
गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो भुगतान
जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी के अंतर्गत पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण कार्यों की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा उनकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं का भुगतान केवल निर्धारित प्रक्रियाओं और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य संतोषजनक पाए जाने के बाद ही किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लिमिटेड तीरथपाल सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद (वर्चुअल माध्यम से), कृष्णा चमोला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।