देहरादून/ संवाददाता। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के नेतृत्व में गुरुवार को विभिन्न जनपदों के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता देहरादून जनपद अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत ने की, जबकि संचालन प्रांतीय तदर्थ समिति सदस्य दिगम्बर सिंह नेगी द्वारा किया गया।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि देहरादून में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों के लिए जनपद अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत को कार्यक्रम संयोजक नियुक्त किया जाएगा। बैठक का मुख्य एजेंडा टीईटी प्रकरण, शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त किए जाने की मांग तथा पुरानी पेंशन बहाली को लेकर प्रस्तावित आंदोलन की रणनीति तय करना रहा।
इस दौरान 22 जून 2026 को प्रस्तावित सचिवालय कूच, प्रदर्शन एवं घेराव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सभी जनपदों से आए प्रतिनिधियों ने एक स्वर में आंदोलन को सफल बनाने तथा हजारों शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा और शिक्षक हितों से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह आंदोलन निर्णायक साबित होगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 1 जुलाई 2026 से प्रदेशभर में शिक्षक अपने-अपने क्षेत्रों के विधायकों, सांसदों, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर टीईटी की बाध्यता समाप्त किए जाने की मांग उठाएंगे।
बैठक में टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, चमोली, चम्पावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित विभिन्न जनपदों के अध्यक्ष, मंत्री एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने शिक्षक हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
संघ पदाधिकारियों ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से 22 जून को देहरादून पहुंचकर सचिवालय घेराव को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।