NEET-UG 2026: आसान पेपर ने बढ़ाई कट-ऑफ की चिंता, बायोलॉजी ने लिया ज्यादा समय

📍 देहरादून | 03 मई 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 आज रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा देशभर के विभिन्न केंद्रों पर किया गया। देहरादून समेत उत्तराखंड में भी हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

ALLEN Career Institute देहरादून के सेंटर हेड विनय माकिन के अनुसार, इस वर्ष का पेपर समग्र रूप से पिछले वर्ष की तुलना में कुछ हद तक आसान रहा, हालांकि बायोलॉजी सेक्शन ने छात्रों की गति को प्रभावित किया।

📊 विषयवार विश्लेषण

🔹 फिजिक्स
इस बार फिजिक्स का स्तर पिछले वर्ष की तुलना में काफी आसान रहा। सवाल सीधे और कॉन्सेप्ट बेस्ड थे, जिससे छात्रों को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।

🔹 बायोलॉजी (जूलॉजी व बॉटनी)
पेपर का सबसे लंबा और समय लेने वाला सेक्शन रहा। इसमें स्टेटमेंट-आधारित और “मैच द कॉलम” जैसे प्रश्न अधिक थे, जिससे छात्रों को हर प्रश्न में ज्यादा समय देना पड़ा।

🔹 केमिस्ट्री
केमिस्ट्री भी अपेक्षाकृत आसान रही। सवाल सीधे और संतुलित थे, जिससे छात्रों को इस सेक्शन में स्कोर करने में मदद मिली।

📈 कट-ऑफ में उछाल के संकेत

विनय माकिन के मुताबिक, पेपर के आसान रहने का सीधा असर कट-ऑफ पर देखने को मिल सकता है।
👉 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए इस बार कट-ऑफ पिछले साल की तुलना में लगभग 20 से 30 अंक तक बढ़ने की संभावना है।

🎯 छात्रों के लिए क्या मायने?

  • पेपर = अधिक प्रतिस्पर्धा
  • हाई स्कोर के बावजूद सीट पाना हो सकता है चुनौतीपूर्ण
  • रैंकिंग में छोटे अंतर का बड़ा असर पड़ेगा

📢 निष्कर्ष:
NEET-UG 2026 का पेपर भले ही आसान रहा हो, लेकिन यही आसानी इस बार मुकाबले को और ज्यादा कड़ा बना सकती है। अब सभी की नजरें रिजल्ट और कट-ऑफ पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि किसका मेडिकल कॉलेज का सपना पूरा होगा।

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