देहरादून, 24 मार्च: विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय एवं हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में काय चिकित्सा विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत हिमालय चिकित्सालय में बीएएमएस 2021 बैच के छात्रों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से छात्रों ने टीबी के लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर उपचार के महत्व को सरल भाषा में समझाया। साथ ही “अनुशासित दिनचर्या” और “आयुर्वेदिक जीवनशैली” को रोग निवारण में महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीरज श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में टीबी के कारणों, उपचार और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता ही इस बीमारी के उन्मूलन का सबसे प्रभावी माध्यम है और छात्रों का यह प्रयास सराहनीय है।
काय चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. रवि जोशी ने बताया कि विभाग एवं हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के संयुक्त प्रयास से 20 टीबी रोगियों की 6 माह तक समुचित देखरेख और उपचार की जिम्मेदारी ली गई है। उन्होंने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार रोगियों को उच्च प्रोटीनयुक्त आहार और नियमित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या डॉ. अंजना विलियम्स ने जानकारी दी कि नर्सिंग छात्र सीएचसी डोईवाला क्षेत्र में जाकर टीबी रोगियों को नियमित दवा सेवन, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही रोगियों के साथ सतत संपर्क बनाकर सामाजिक भेदभाव, चिंता और अवसाद को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सिंग छात्रों की सक्रिय भागीदारी से जन-जागरूकता में वृद्धि हुई है, जिससे टीबी के मामलों में धीरे-धीरे कमी देखने को मिल रही है।
इस अवसर पर संस्था के सचिव बालकृष्ण चमोली, कुलसचिव अरविंद अरोड़ा, प्रो. डॉ. अरविंद गुप्ता, प्रो. डॉ. शिशिर प्रसाद, प्रो. डॉ. श्रीमंत चव्हाण सहित अनेक चिकित्सक, अधिकारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।