कुपोषण पर सख्त निगरानी, एक माह में सभी बच्चों के आधार और आभा आईडी बनाने के निर्देश; लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
देहरादून। उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने शुक्रवार को विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आंगनबाड़ी सेवाओं और पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों का हर माह अनिवार्य रूप से वजन किया जाए, ताकि कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वस्थ श्रेणी में लाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है।
रेखा आर्या ने फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से वितरित किए जा रहे टेक होम राशन (टीएचआर) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि पोषाहार वितरण का पूरा डेटा एफआरएस ट्रैकर में अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर रिकॉर्ड होने से राज्य को केंद्र सरकार से योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
मंत्री ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ड्यूटी के कारण कई स्थानों पर विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसे देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कार्य दिवस के दौरान कम से कम एक घंटे केंद्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों का भी निष्पादन करें।
उन्होंने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों के आधार कार्ड और आभा आईडी एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से बनवाई जाए।
बैठक में मंत्री ने विभाग में 438 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 2,773 सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि रिक्त पद भरने से आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
रेखा आर्या ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चन्द्रेश कुमार यादव, निदेशक बी.एल. राणा सहित शासन स्तर के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।