सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, धुएं से मचा हड़कंप।
देहरादून। राजधानी देहरादून के एक बड़े निजी अस्पताल में बुधवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। देहरादून स्थित पैनेसिया सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ICU में लगे AC में हुए ब्लास्ट के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 60 वर्षीय महिला वीरवती की मौत हो गई, जबकि तीन पुलिसकर्मियों सहित करीब 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ICU में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद एयर कंडीशनर में तेज धमाके जैसी आवाज आई और कुछ ही सेकंड में पूरा वार्ड धुएं से भर गया। ICU में भर्ती मरीजों को तत्काल बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों, अस्पताल स्टाफ, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू शुरू किया। ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद मरीजों को स्ट्रेचर, बेडशीट और गोद में उठाकर बाहर लाया गया।
घटना में घायल होने वालों में तीन दिन की नवजात बच्ची और ढाई साल की मासूम गौरी भी शामिल हैं। सभी घायलों को तत्काल दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
धुएं के बीच जिंदगी बचाने की जंग
हादसे के बाद सामने आए वीडियो बेहद भयावह तस्वीर बयां कर रहे हैं। वीडियो में अस्पताल परिसर धुएं से भरा दिखाई दे रहा है, जबकि मरीजों और कर्मचारियों में चीख-पुकार मची हुई है। कई मरीजों को बाहर लाने के बाद अस्पताल परिसर में ही CPR दिया गया। परिजनों की हालत भी बदहवास नजर आई।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ICU में आग नहीं लगी थी और केवल धुआं फैला था, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि यदि स्थिति इतनी नियंत्रित थी तो एक मरीज की जान कैसे चली गई और कई लोग झुलस कैसे गए?
निजी अस्पतालों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की फायर सेफ्टी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और भारी फीस लेने वाले अस्पतालों में क्या सुरक्षा मानकों का सही पालन हो रहा है? ICU जैसे संवेदनशील वार्ड में सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच क्यों नहीं हुई?
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। शुरुआती जांच में AC यूनिट में शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।