कोटद्वार/ संवाददाता पुनीत रावत। हल्दुखाता में प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण केंद्र (Trenching Ground) के निर्माण को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच नगर निगम कोटद्वार के महापौर शैलेंद्र रावत आज धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं, आशंकाओं और सुझावों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।

महापौर ने स्पष्ट किया कि हल्दुखाता में प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण केंद्र की योजना वर्तमान नगर निगम बोर्ड की नहीं, बल्कि पूर्ववर्ती बोर्ड और तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में तैयार की गई थी। उन्होंने बताया कि उसी समय भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी की गई थी तथा भारत सरकार और पर्यावरण मंत्रालय से आवश्यक अनुमतियां भी प्राप्त कर ली गई थीं। वर्तमान बोर्ड केवल पूर्व में स्वीकृत प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अंतर्गत कार्य कर रहा है।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए महापौर शैलेंद्र रावत ने कहा कि जनता की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है और किसी भी विकास कार्य को लोगों की इच्छा और विश्वास के विरुद्ध नहीं किया जा सकता। उन्होंने माना कि क्षेत्रवासियों द्वारा उठाई जा रही पर्यावरण, स्वास्थ्य और स्थानीय हितों से जुड़ी चिंताएं पूरी तरह जायज हैं।
महापौर ने भरोसा दिलाया कि इस मामले में माननीय न्यायालय में जो भी प्रक्रिया चल रही है और भविष्य में जो भी निर्देश दिए जाएंगे, नगर निगम उनका पूर्ण सम्मान करेगा तथा न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है, लेकिन इसके साथ-साथ स्थानीय जनता के स्वास्थ्य, पर्यावरणीय संतुलन और क्षेत्रीय हितों की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद के माध्यम से ही किसी भी विवाद का सकारात्मक समाधान निकाला जा सकता है।
अंत में महापौर ने कहा कि नगर निगम पारदर्शिता, संवाद और न्याय के रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है तथा आगे की सभी प्रक्रियाओं में क्षेत्रीय जनता के सुझावों और हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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