देहरादून। मानसून सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शहर की सड़क व्यवस्था, जल निकासी, विद्युत सुरक्षा, डेंगू नियंत्रण, पेयजल, रैन बसेरों और जर्जर भवनों समेत जनसुरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर के सभी प्रमुख नालों और नालियों की नियमित सफाई कर जलभराव वाले क्षेत्रों को पहले से चिन्हित कर आवश्यक इंतजाम पूरे करने को कहा।
गड्ढों से दुर्घटना हुई तो तय होगी जिम्मेदारी
बैठक में सड़क कटिंग के बाद अधूरे छोड़े गए रिस्टोरेशन कार्यों पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और अन्य कार्यदायी संस्थाओं को तत्काल सड़कें गड्ढामुक्त कर सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सड़क के गड्ढों के कारण कोई दुर्घटना या जनहानि होती है तो संबंधित अधिकारी एवं एजेंसी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गेल द्वारा कराए जा रहे कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायत मिलने पर संबंधित ठेकेदार पर आर्थिक दंड लगाने तथा दोबारा लापरवाही मिलने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई।
डेंगू और मलेरिया पर विशेष फोकस
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों को डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी को सभी स्कूलों में बच्चों को फुल स्लीव ड्रेस पहनने तथा डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के आदेश दिए।
हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं का खुद लिया हाल
मानसून के दौरान दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डीएम ने स्वयं दूरभाष पर उनका हालचाल जाना। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि ऐसी महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा संभावित प्रसव तिथि से एक सप्ताह पहले उन्हें सुरक्षित अस्पतालों में शिफ्ट किया जाए।
स्ट्रीट लाइट, जर्जर भवन और बिजली व्यवस्था पर सख्ती
डीएम ने खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने तथा जहां रोशनी की व्यवस्था नहीं है वहां नई स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही नगर क्षेत्र के जर्जर भवनों पर कार्रवाई तेज करने को कहा। नगर निगम ने बताया कि 23 भवन चिन्हित किए गए हैं, जिस पर डीएम ने न्यायालय में लंबित मामलों को छोड़कर बाकी भवनों पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विद्युत विभाग को ढीले और लटकते बिजली के तारों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने, भूमिगत केबलिंग कार्य में तेजी लाने तथा मानसून के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाने के निर्देश भी दिए गए।
होटलों के भोजन और पेयजल की होगी नियमित जांच
डीएम ने जल संस्थान और पेयजल निगम को पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा खाद्य सुरक्षा विभाग को शहर के होटल और रेस्टोरेंट में खाद्य गुणवत्ता की नियमित जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।